स्मार्ट रिस्कटेकर
सोनू एक गरीब घर का लडका था, लेकिन पढ़ाई में बेहद अच्छा और हर चीज में स्ट्रॉन्ग था। फिजिकली भी बेहद अच्छा था । सोनू अपने मम्मी पापा के साथ खुश था, लेकिन जब सोनू 20 साल का हुआ तब उसकी मम्मी उसे हमेशा के लिए छोड़कर चली गई । इस गम में उसके पिता जी दारू पीने लग गए पूरी जिम्मेदारी सोनू के कंधे में आ गई , अब सोनू को अपना घर चलाने के लिए पढ़ाई छोड़ना पड़ा ,क्युकी अब उसके पिता भी कुछ काम नहीं करते थे। बस दारू पीते थे ।
अब सोनू को पढ़ाई छूट चुका था वह मेहनत मजदूरी करके अपने पिता को पालता था । फिर जब सोनू 25 साल का हुआ उसके पिता उसे छोड़ के चले गए । अब सोनू अकेला हो गया तब उसने ठान लिया अब मेहनत करके खूब पैसे कमाने है, और एक सफल बिजनेस मैन बनना है । एक साल मेहनत करके उसके पास थोड़े पैसे आए वह इन पैसे से अपना नया स्टार्टअप खोलना चाहता था । रिस्क भले ही खूब था लेकिन उसने कुछ ना करने से बेहतर रिस्क लेना सोचा और साल भर की मेहनत की कमाई लगा दी और अपना एक छोटा सा ढाबा खोला । लेकिन अच्छी जगह का चुनाव न कर पाने के कारण एवं काम पैसे होने के कारण अच्छी जगह नई मिली जिसका असर उसके बिजनेस पर पड़ा और उसका पहला बिजनेस असफल हो गया ।
लोगो ने कहा ये बिजनेस विजनेस हम तुम जैसे गरीबों के लिए नही है ,क्युकी उसके लिए पैसे चाहिए जो की तुम्हारे पास नही है । अब सोनू को उम्र बढ़ते जा रही थी । लोगो ने शादी करने की सलाह दी उसने जैसे तैसे शादी कर लिया । शादी के एक साल बाद उसने ज्यादा पैसे इकट्ठे किए मेहनत कर कर के ताकि एक अच्छी जगह का चुनाव करे । लेकिन इस बार वह रिस्क लेने से पहले अपनी पत्नी के बारे में सोचने लगा उसके भविष्य के बारे में सोचने लगा । लेकिन फिर भी उसने हिम्मत करके रिस्क लिया और अपना बिजनेस स्टार्ट कर लिया ढाबे का लेकिन बिजनेस फ्लॉप हो गया क्युकी कम सेवा और सस्ते एम्लॉय रखने के कारण वह ढंग से कोई नही आता था । क्युकी वहा कोई भी सेवा उतनी अच्छी नहीं थी । फिर उसका दूसरा बिजनेस भी डूब गया । फिर उसने डबल मेहनत की और अपनी पत्नी और अपना भविष्य सवारा। जब स्तिथि अच्छा हुआ तो उसने फिर रिस्क लेने का सोचा लेकिन इस बार ज्यादा खतरा था । क्युकी अब सोनू के दो बच्चे आ गए थे अब रिस्क लेना अच्छा नही था ।
लेकिन फिर उसने सोचा की अगर वो रिस्क नहीं लेगा तो वो अपने आप को सबसे बड़े रिस्क में डालेगा । एक बार फिर वो रिस्क लेता है थोड़े पैसे जो उसने अपने बीवी बच्चों के भविष्य के लिए बचाए थे , वो सब दांव में लगा दिया ,पत्नी ने खूब मना किया लेकिन सोनू ने रिस्क लेना सही समझा क्युकी उसे अपने बच्चो को अच्छा स्कूल में पढ़ाना था और अपनी पत्नी को सुंदर खुशहाल जिंदगी देना था। फिर उसने सारे पैसे दांव में लगाए इस बार उसने हलवाई की दुकान खोलने का सोचा और खोला भी । फिर यह बिजनेस भी फेल हो गया सारा सपना धरा का धरा रह गया अब वह अपने बच्चो को अच्छे स्कूल में भी नही पढ़ा सका उसके बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते थे । सोनू ने अगर वो रिस्क ना लिया होता तो उसके और उसके परिवार के लिए बेहतर होता ।किंतु अब सब बिगड़ चुका था अब कुछ नहीं हो सकता था । फिर जब बच्चे बड़े हुए तब तक सोनू के पास थोड़े पैसे और आ चुके थे उसने एक बार और अपना स्टार्टअप खोलने का सोचा इस बार उसने रेस्टोरेंट खोलने का सोचा उसने एक अच्छा जगह का चुनाव किया उसके पूरे परिवार को पता था की इस बार अगर सोनू बिजनेस में फेल हुआ तो पूरा परिवार डूब जायेगा कर्जे में क्युकी थोड़े पैसे खुद से लगाने के अलावा सोनू ने कुछ पैसे बैंक से लोन के तौर पर लिया था । इस बार उसने रेस्टोरेंट खोला और सही जगह खोला उसने रेस्टोरेंट में यू ट्यूब से देख के विदेशी खाना बनाना सीखा और बनाने भी लगे लोगो को नए खाने पसंद आने लगे उन्होंने एम्प्लॉय पे पैसे खर्च नही किए अपने बच्चों को एक अच्छे एम्प्लॉय की सारी स्किल्स बता के एम्प्लॉय का काम करवाया एवं उसकी पत्नी भी इसमें साथ देने लगी , उनका परिवार दिन और रात में मेहनत करने लगा वे रोज अपनी रेसिपी में कुछ न कुछ चेंज करते रहते थे । और कस्टमर्स को अच्छी साफ सफाई एवं सेवा दे लगे उनका बिजनेस अच्छा चलने लगा धीरे धारे उनका रेस्टोरेंट बड़ा हो गया और उनके पास अब बहुत से एम्प्लॉय आ चुके थे ।
फिर आगे चलके इनके रेस्टोरेंट देखते देखते ही उस इलाके का बेस्ट रेस्टोरेंट बन गया । और अब सोनू और उस परिवार की जिंदगी संवर चुकी थी ।
हमेशा किसी चीज के लिए पूरा जुनून और खुद पर विश्वास रखना चाहिए । आपकी बड़ी सोच ही आपको बड़ा बनाती है।



टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें